भगत सिंह के अनमोल विचार - Bhagat Singh Quotes in Hindi


भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था,उन्हें 23 साल की उम्र में 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में उनके साथियों के साथ फांसी दे दी गई थी,भगत सिंह को किताबें पढ़ने का काफी शौक था |



1.जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती है, दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं। -भगत सिंह (Bhagat Singh)

2.मेरा धर्म देश की सेवा करना है। -भगत सिंह (Bhagat Singh)

3.प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं -भगत सिंह (Bhagat Singh)

4.देशभक्तों को लोग पागल कहते हैं -भगत सिंह (Bhagat Singh)

5.राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है -भगत सिंह (Bhagat Singh)

6.किसी भी इंसान को मारना आसान है, परन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैं, तबाह हो जाते हैं, जबकि उनके विचार बच जाते हैं -भगत सिंह (Bhagat Singh)

7.जरूरी नहीं था कि क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था - भगत सिंह (Bhagat Singh)

8.जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी। -भगत सिंह (Bhagat Singh)

9.इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे -भगत सिंह (Bhagat Singh)

10.व्यक्तियो को कुचल कर , वे विचारों को नहीं मार सकते -भगत सिंह (Bhagat Singh)

11.क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे - भगत सिंह (Bhagat Singh)

12.क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है - भगत सिंह (Bhagat Singh)

13.निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं। - भगत सिंह (Bhagat Singh)

14.मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है - भगत सिंह (Bhagat Singh)

15.मनुष्य केवल तभी कार्य करता है जब वह अपने ओचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है, जैसे हमने विधान सभा में बम फेंका था - भगत सिंह (Bhagat Singh)

16.निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार क्रांतिकारी सोच के 2 अहम लक्षण है -भगत सिंह (Bhagat Singh)

17.कानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जबतक वो लोगो की इच्छा की अभिव्यक्ति करे - भगत सिंह (Bhagat Singh)

18.इन्सान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित हो जैसा की हमने विधान सभा में बम फेकने को लेकर आश्वत थे - भगत सिंह (Bhagat Singh)

19.मेरे सीने में जो भी जख्म है वो सब तो फूलो के गुच्छे है हमे तो पागल ही रहने दो हम पागल ही बनकर अच्छे है - भगत सिंह (Bhagat Singh)

20.जब आवश्यकताए महान हो तो हिंसा भी अनिवार्य हो जाता है - भगत सिंह (Bhagat Singh)

21.आत्मबल को शारीरिक बल से जोड़ा जाना चाहिए ताकि अत्याचारी दुश्मन की दया पर न रहे - भगत सिंह (Bhagat Singh)

22.जिन्दा रहना हर किसी की कुदरती ख्वाहिस है जिसे मै भी नही छिपाना चाहता लेकिन कैद होने की शर्त पर मै जिन्दा भी नही रहना चाहता -भगत सिंह (Bhagat Singh)

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